राष्ट्रीय वयोश्री योजना –

वरिष्ठ नागरिकों के लिए जीवन सहायक उपकरण योजना

राष्ट्रीय वयोश्री योजना गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए 2017 में नरेंद्र मोदी सरकार की एक नई योजना है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार BPL परिवारों से सम्बन्ध रखने वाले वरिष्ठ नागरिकों को जीवन को आसान बनाने के लिए मुफ्त सहयोगी उपकरणों की पेशकश करेगी।

यह योजना 477 करोड़ रुपये की लागत से कार्यान्वित की जाएगी और आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में एक शिविर में 25 मार्च को शुरू होगी। इस योजना के तहत, केंद्र सरकार मुफ्त सहायक उपकरण जैसे कान की मशीन, व्हीलचेयर और कई अन्य उपकरण प्रदान करेगी।

 उद्देश्य:-

राष्ट्रीय वयोश्री योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से पिछड़े समाज के वृद्ध लोगों को सक्रिय जीवन जीने के लिए सक्षम बनाना और वृद्ध-अनुकूल समाज बनाना है। इस योजना का उद्देश्य लोगों को जीवन सहायता उपकरण प्रदान करना है जिससे कि वो सामान्य जीवन व्यतीत कर सकें।

वृद्धावस्था विकलांग जैसे कम दृष्टि, कम सुनना, दांतों की हानि और गतिरोध विकलांगता से ग्रस्त वरिष्ठ नागरिकों को राष्ट्रीय वयोश्री योजना के माध्यम से सहारा दिया जाएगा।
केंद्र सरकार ने प्रत्येक शिविर में कम से कम 2000 लाभार्थियों को मुफ्त सहायक उपकरणों को वितरण करने का लक्ष्य रखा है। उपकरणों के वितरण के लिए, सरकार पूरे वर्ष के लिए प्रत्येक राज्य के दो जिलों में शिविरों का आयोजन करेगी।

सरकार ने राज्य सरकारों को इस योजना के लिए लाभार्थियों की पहचान करने के लिए कहा है। पहले दो कैंपों का आयोजन आंध्र प्रदेश के दो जिलों में किया जाएगा, जैसा कि नीचे दिया गया है।
राष्ट्रीय वयोश्री योजना के अंतर्गत वितरित किए जाने वाले उपकरणों की प्रमुख सूची नीचे दी गई है।

राष्ट्रीय वयोश्री योजना – उपकरण की सूची –

कान की मशीन
व्हीलचेयर
वॉकर
बैसाखी
तिपाई
चश्मा
डेन्चर और अन्य कई उपकरण…
योजना की शुरूआत के बाद ही उपकरणों की पूरी सूची उपलब्ध होगी। इस योजना के अंतर्गत वितरित किए जाने वाले उपकरण उच्च गुणवत्ता वाले होंगे और BIS (भारतीय मानक ब्यूरो) द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप होंगे।

राष्ट्रीय वयोश्री योजना के लिए योग्यता मानदंड-

बुजुर्ग व्यक्ति जो निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करते हो वह इस योजना के लाभ के हकदार होंगे

–लाभार्थी की उम्र कम से कम 60 वर्ष होनी चाहिए

– एक सक्षम प्राधिकारी द्वारा व्यक्ति को गरीबी रेखा के नीचे रहने के रूप में प्रमाणित किया जाना चाहिए

SECC-2011 के आंकड़ों के मुताबिक, देश में लगभग 10.38 करोड़ वरिष्ठ नागरिक हैं जिनमें से 5.2% (लगभग 54 लाख) किसी न किसी प्रकार की बुढ़ापे से संबंधित विकलांगता से पीड़ित हैं। वर्ष 2026 तक वरिष्ठ नागरिकों की संख्या 173 मिलियन (17.3 करोड़) तक पहुंचने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.